हिंदी के प्रख्यात साहित्यकार काशी नाथ सिंह और उर्दु के महबुब और मशहुर शायर मुन्नवर राणा ने भी साहित्य अकादमी पुरस्कार लॉटाया ..जिस देश मे सत्य की स्थापना का काम साहित्य ने किया हो जिसको गर्व हो अपनी भाषा की विविधता पे , जहा सूर और तुलसी केवल कवि नही वरण पुजनिय समझे जाते हो , जहां कविता ने धर्म को बल दिया , अजादी की लडाई मे स्वर दिया, प्रेरणा दी , आज उन सभी शब्द शिल्पियो को चॉतरफा घेरा जा रहा है , गाली दी जा रही है सभ्य समाज देख रहा है l दंगाई बलवाई देश मे कानुन तय कर रहे है ऑर हुकुमत मौन है
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